मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। इस बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़क निर्माण और नौरादेही अभ्यारण्य में चीता रहवास के विकास कार्यों को स्वीकृति जैसे कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने बुंदेलखंड के विकास पर केंद्रित इन फैसलों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कॉलेजों में पदों की मंजूरी के साथ-साथ शासकीय अस्पतालों के उन्नयन और नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी मिली।

बुंदेलखंड के लिए 24 हजार करोड़ से अधिक का निवेश पैकेज

मंत्रि-परिषद ने सागर के औद्योगिक क्षेत्र ‘मसवासी ग्रंट’ को गति देने के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत किया। इस पैकेज से निवेशक-हितैषी माहौल बनेगा और यहाँ 24,240 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे 29 हजार से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

  • रियायती दरें: भूमि के लिए प्रब्याजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है।
  • अन्य छूटें: विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 वार्षिक किश्तों की सुविधा दी गई है। निवेशकों को स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति मिलेगी और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट दी गई है।

सागर-दमोह फोरलेन और मेडिकल कॉलेजों के लिए पद स्वीकृत

  • सड़क परियोजना: सागर-दमोह के बीच 76.680 किलोमीटर लंबे मार्ग को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत फोरलेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ उन्नयन और निर्माण के लिए 2,059 करोड़ 85 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई।
  • चिकित्सा शिक्षा: दमोह, छतरपुर और बुधनी के नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउट सोर्स पदों को मंजूरी मिली है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता रहवास

सागर में स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कदम कूनो और गांधी सागर अभयारण्य के बाद उठाया गया है।

सिंचाई, स्वास्थ्य और रोजगार के अन्य निर्णय

  • सिंचाई: दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपये की मंजूरी दी गई, जिससे 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
  • स्वास्थ्य: 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और उनके संचालन के लिए 348 पदों (नियमित/संविदा) की स्वीकृति दी गई, जिसमें कई 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 या 100 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में बदला जाएगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय रोजगार: पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को दो वर्षों में रोजगार के लिए सोशल इंपैक्ट बांड (SIB) का उपयोग कर जापान और जर्मनी भेजने की परियोजना को भी स्वीकृति मिली।

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