प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को NDA की संसदीय दल की बैठक में अपने संबोधन में कहा कि देश अब पूरी तरह से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के दौर में है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार के सुधार केवल आर्थिक या रेवेन्यू-केंद्रित नहीं हैं, बल्कि पूरी तरह से नागरिक-केंद्रित हैं।
पीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि लोगों की रोजमर्रा की मुश्किलों को दूर किया जाए ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक बढ़ सकें।”
PM के संदेश का सार:
- पेपरवर्क पर हमला: प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ‘फालतू पेपरवर्क’ और 30-40 पेज के फॉर्म भरने के कल्चर को समाप्त करना चाहते हैं।
- सेवा की डिलीवरी: उन्होंने सांसदों से कहा कि हमें नागरिकों के दरवाजे पर सर्विस देनी होगी और उनसे बार-बार डेटा जमा करने की ज़रूरत को खत्म करना होगा।
- लोगों को परेशान न करें: पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि नियम-कानून अच्छे हैं, पर सिस्टम को ठीक करने के लिए लोगों को परेशान या असहज करना सही नहीं है।
- भरोसे की जीत: उन्होंने ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ मॉडल को नागरिकों पर सरकार के भरोसे की मिसाल बताया, जो पिछले 10 वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहा है।
- नीतीश कुमार की प्रशंसा: बिहार चुनाव में जीत के बाद सम्मान स्वीकार करते हुए, पीएम ने 10वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार को बिहार जीत का शिल्पकार कहकर उनकी सराहना की।
आगे की रणनीति: गठबंधन में बेहतर समन्वय और संसद सत्र की रणनीति बनाने के लिए पीएम मोदी ने 11 दिसंबर को NDA के सभी सांसदों के लिए रात्रिभोज रखा है। इसमें विधायी एजेंडे और तीन राज्यों (बंगाल, तमिलनाडु, असम) के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा होगी।