सड़कें केवल यातायात नहीं, विकास का आधार हैं; CM यादव ने PWD समीक्षा बैठक में दिए गुणवत्ता और पारदर्शिता के निर्देश

सड़कें केवल यातायात नहीं, विकास का आधार हैं; CM यादव ने PWD समीक्षा बैठक में दिए गुणवत्ता और पारदर्शिता के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि विभाग प्रत्येक निर्माण कार्य को केवल एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को जमीन पर उतारने के प्रयासों की सराहना की और आधारभूत संरचना के विकास को जनकल्याण का आधार बताया।

प्रमुख निर्देश और घोषणाएँ:

  • मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का विस्तार: शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा।
  • राजमार्गों का घनत्व बढ़ाना: राष्ट्रीय स्तर के समीप राजमार्गों का घनत्व ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिसमें स्थानीय मांगों को शामिल किया जाए।
  • सतत संवहनीय विकास: भवनों का निर्माण सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज पर ‘ग्रीन बिल्डिंग’ संकल्पना पर हो, जिसमें बिजली-पानी की बचत और वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाए।
  • एक्सप्रेस-वे और ग्रामीण सुविधाएँ: एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावों में फ्लाई-ओवर, अंडर-पास और सर्विस लेन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।
  • सिंहस्थ-2028: सिंहस्थ के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं और इन्हें जून-2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
  • लोकपथ ऐप: ‘लोकपथ ऐप’ में रियल टाइम सड़क की स्थिति अपडेट की जाए और इसका प्रचार-प्रसार हो। ऐप में आगे दूरी, वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, टोल शुल्क और ब्लैक स्पॉट जैसी सुविधाओं को मैप किया जाएगा।
  • उपलब्धियाँ: पिछले दो वर्षों में प्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण और उन्नयन कर 77,268 किमी का सड़क नेटवर्क स्थापित किया है।
  • नवाचार: पीएम गतिशक्ति पोर्टल का उपयोग, LPMS, सड़क और पुलों का जियो-मैपिंग, और निर्माण में आधुनिक मरम्मत तकनीकों (FDR, जेट पैचर) का उपयोग किया गया है।
  • आगामी कार्ययोजना: उज्जैन-इंदौर जैसे बड़े हाई-स्पीड कॉरिडोर, सिंहस्थ-2028 के लिए ₹12 हज़ार करोड़ के कार्य, और 600 नए “लोक कल्याण सरोवर” का निर्माण आगामी तीन वर्षों की प्रमुख योजनाएँ हैं।

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