इंदौर: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि चूंकि भगवान हर जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सकों को बनाया है। चिकित्सक ही भगवान का दूसरा रूप होते हैं। उन्होंने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) द्वारा आयोजित 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना की और आशा व्यक्त की कि चार दिवसीय सम्मेलन के निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी साबित होंगे।
राज्यपाल श्री पटेल गुरुवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का विमोचन किया, विद्वान चिकित्सकों को सम्मानित किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे।
श्री पटेल ने मस्तिष्क को मानव शरीर का मुख्य संचालक और सभी इंद्रियों का नियंत्रणकर्ता बताया। उन्होंने स्वस्थ और शांत मस्तिष्क बनाए रखने में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ये चिकित्सक उन्नत चिकित्सा, प्रामाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क का इलाज करते हैं।
उन्होंने स्वस्थ शरीर और मन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक तंदुरुस्ती की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने अच्छी सेहत के लिए मोटे अनाज का सेवन करने, खूब पानी पीने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित व्यायाम करने और फास्ट फूड से बचने की सलाह दी।
मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर को ‘स्वास्थ्य की राजधानी’ बताते हुए यहाँ के चिकित्सकों की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं, और चिकित्सा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल और डॉ. मानस पाणिगही, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही, अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा सहित बड़ी संख्या में न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उपस्थित थे।