नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 3 से 5 दिसंबर के बीच उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को रिफंड के अतिरिक्त ₹500 करोड़ से अधिक का मुआवजा भी देगी। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि यह मुआवजा उन यात्रियों को जनवरी में दिया जाएगा जो फ्लाइट कैंसिल होने से ‘ज्यादा परेशान’ हुए थे।
हालांकि, एयरलाइन ने ‘ज्यादा परेशान’ होने का मापदंड स्पष्ट नहीं किया है। इंडिगो का अनुमान है कि यह कुल ₹500 करोड़ से अधिक की राशि उन ग्राहकों को दी जाएगी जिनकी उड़ानें निर्धारित समय से 24 घंटे के भीतर रद्द हुईं या जो हवाई अड्डे पर गंभीर रूप से फंसे रहे।
एयरलाइन ने यह भी बताया कि उसका मुख्य ध्यान दिसंबर तक फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित सभी यात्रियों को रिफंड देने पर है। कंपनी ने दावा किया कि अधिकतर यात्रियों को रिफंड पहले ही मिल चुका है, और शेष यात्रियों के खातों में यह राशि जल्द ही डाल दी जाएगी, जिसके लिए टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
हवाई किराए पर सरकार का रुख: इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने के दौरान विमानों के किराए में हुई वृद्धि पर सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे साल हवाई किराए को नियंत्रित नहीं कर सकती है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हवाई टिकट की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं, क्योंकि अंतिम मूल्य बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। हालांकि, नायडू ने तर्क दिया कि हाल ही में इंडिगो संकट और इससे पहले कोविड महामारी जैसे असाधारण संकटों में सरकार ने एयरफेयर पर सीमा लगाई थी। उन्होंने कहा कि विनियमन खत्म (डि-रेगुलेशन) होने के बाद एयरलाइंस की संख्या बढ़ी और प्रतिस्पर्धा आई, जिसका सीधा फायदा यात्रियों को मिला है।
बेंगलुरु में उड़ानें प्रभावित, DGCA का एक्शन: संकट के बीच, शुक्रवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट से इंडिगो की 54 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 31 आगमन (Arrival) और 23 प्रस्थान (Departure) फ्लाइटें शामिल थीं। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं।
इस संकट के मद्देनजर नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एयरलाइन की सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार 4 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।