केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि सरकार का लक्ष्य इन 184 नवीन प्रजातियों को अगले तीन वर्षों के भीतर देश के हर कोने के किसान तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि “बीज किसी भी उत्पादन प्रणाली की आत्मा है” और अब भारत केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व को ‘पोषणयुक्त अन्न’ प्रदान करने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- आर्थिक योगदान: राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) की अध्यक्ष डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने 33.26 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक केंद्रीय मंत्री को भेंट किया, जो कृषि क्षेत्र की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।
- भविष्य की योजना: सरकार ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण, कृषि वानिकी और पशुपालन को एकीकृत करेगी।
- प्राथमिकता: दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाना और उनकी प्रोसेसिंग व्यवस्था को मजबूत करना केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी ताकि खाद्य तेलों और दालों में आत्मनिर्भरता आए।
इस कार्यक्रम में कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित कई गणमान्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।