सरकार ने देश की आर्थिक सेहत को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की विकास दर (Real GDP) अब 7.4% रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 6.5% से काफी बेहतर है।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? जब जीडीपी की रियल और नॉमिनल ग्रोथ के बीच का अंतर कम होता है (जैसा कि इस बार केवल 0.6% है), तो इसका मतलब होता है कि कीमतें बहुत तेजी से नहीं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2011-12 के बाद पहली बार महंगाई का असर आंकड़ों पर इतना कम दिख रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में हो रहे काम की वजह से न सिर्फ देश की आय बढ़ रही है, बल्कि विकास की रफ्तार भी तेज हो गई है। आरबीआई ने भी पहले ही भविष्यवाणी की थी कि देश की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करेगी।