नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नए ‘सीड एक्ट 2026’ की बारीकियों को साझा करते हुए इसे भारतीय कृषि के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1966 के पुराने कानून को अब तकनीक और पारदर्शिता के साथ बदला जा रहा है। इस नए कानून का मुख्य आधार ‘ट्रेसेबिलिटी’ (Traceability) है, जिसके तहत बाजार में बिकने वाले हर बीज पर एक QR कोड होगा। इस कोड को स्कैन करते ही किसान बीज के उत्पादन से लेकर विक्रेता तक की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अब घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों की खैर नहीं है। पहले जहाँ जुर्माना मात्र 500 रुपये था, उसे बढ़ाकर अब 30 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है। साथ ही, जानबूझकर किसानों को धोखा देने वालों को 3 साल तक की जेल भी हो सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक क्षेत्र (ICAR, KVK) और देसी बीज कंपनियों को मजबूत किया जाए ताकि विदेशी बीजों पर निर्भरता कम हो और उनकी कड़ी जांच सुनिश्चित हो सके।