नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम ने भीषण रूप अख्तियार कर लिया है। कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर शुक्रवार को हुई बर्फबारी ने मैदानी राज्यों में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। इसका सीधा असर दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत 12 राज्यों पर पड़ा है।
हादसे और जनजीवन: उत्तर प्रदेश में सीजन के सबसे घने कोहरे ने कहर बरपाया है। 10 जिलों में दृश्यता कम होने के कारण 35 वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हैं। कोहरे का असर परिवहन पर भी पड़ा है; वंदे भारत और शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेनों सहित 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं। खराब विजिबिलिटी के कारण नोएडा, सहारनपुर और बदायूं सहित कई जिलों में 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
तापमान का रिकॉर्ड: पंजाब के नवांशहर में पारा 0.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि हरियाणा के भिवानी में 1.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तापमान 3.9 डिग्री रहा, जिससे वहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में स्थिति यह है कि उत्तरकाशी और चमोली में नदी-नाले और पानी की पाइपलाइनें जम चुकी हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
पूर्वानुमान:
- 18 जनवरी: उत्तर भारत में घना कोहरा बना रहेगा। कश्मीर और हिमाचल में हल्की बर्फबारी संभव है। पंजाब में बारिश की भी संभावना जताई गई है।
- 19 जनवरी: ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। राजस्थान और आसपास के इलाकों में ‘मावठ’ (हल्की बारिश) हो सकती है।
- 22-23 जनवरी: बिहार और राजस्थान में तापमान में एक बार फिर भारी गिरावट आएगी। बिहार में 22 जनवरी के बाद ठंड का नया दौर शुरू हो सकता है।
पहाड़ी इलाकों जैसे श्रीनगर (न्यूनतम -1.5 डिग्री) और पुलवामा (-4.6 डिग्री) में भीषण ठंड के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। प्रशासन ने लोगों को कोहरे के दौरान सावधानी से यात्रा करने की सलाह दी है।