उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, एक शक्तिशाली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, जिसका व्यापक असर अगले 24 से 48 घंटों में देखने को मिलेगा।
मैदानी इलाकों में कोहरा और बारिश: राजस्थान में विजिबिलिटी गिरकर 50 मीटर रह गई है, वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा, लखनऊ और नोएडा समेत 10 शहर घने कोहरे की चादर में लिपटे हैं। यूपी में अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अलीगढ़ और लखीमपुर खीरी में ओलावृष्टि ने ठंड और बढ़ा दी है। पंजाब और चंडीगढ़ में भी घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ गुरुवार से तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
पहाड़ों पर जमने लगा पानी: उत्तराखंड के औली में न्यूनतम तापमान -8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे वहां पानी के स्रोत जमने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों (ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और कांगड़ा) में शीतलहर का अलर्ट है। आने वाले दिनों में इन पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम से आने वाली हवाओं और बादलों का एक सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) 21 जनवरी को उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करना शुरू कर देगा। इसके सक्रिय होते ही मौसम का चक्र पूरी तरह बदल जाएगा:
- तापमान में गिरावट: जैसे ही यह सिस्टम एक्टिव होगा, मैदानी क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिरेगा।
- पाला और शीतलहर: बारिश के बाद नमी बढ़ने और तापमान गिरने से पाला पड़ने और कोल्ड वेव (शीतलहर) चलने के गंभीर हालात बन सकते हैं।
- 21 और 22 जनवरी का हाल: 21 जनवरी को उत्तर भारत में सर्द हवाओं के साथ ठिठुरन रहेगी। 22 जनवरी को राजस्थान और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कोहरा छाया रहेगा।
विशेष नोट: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का यह दौर आगामी 25-26 जनवरी तक जारी रह सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।