दावोस: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ साझेदारी कर रही है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने दुनिया के सबसे बड़े सिंथेटिक मीथेन उत्पादकों में से एक, टीईएस-एच2 के साथ गहन विमर्श किया। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे भारत गैस-आधारित बिजली उत्पादन के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अब बायोगैस और स्वच्छ ईंधन के विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
भविष्य की रूपरेखा: दोनों पक्षों के बीच समुद्री क्षेत्र में सिंथेटिक मीथेन की बढ़ती मांग और भारत के एक प्रमुख एलएनजी आयातक के रूप में उभरने पर चर्चा हुई। टीईएस-एच2 ने अपने वैश्विक अनुभव और भारत में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। बैठक का परिणाम यह रहा कि दोनों पक्ष मध्य प्रदेश के विकास उद्देश्यों के अनुरूप पायलट परियोजनाओं और सहयोग के नए रास्तों की पहचान करने के लिए निरंतर संवाद जारी रखने पर सहमत हुए हैं।