नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली मध्य प्रदेश की झांकी ‘पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर’ के जीवन मूल्यों पर आधारित होगी। यह झांकी सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुद्धार की उस गाथा को प्रस्तुत करेगी, जिसकी शुरुआत 18वीं शताब्दी में अहिल्याबाई ने की थी।
झांकी के मुख्य आकर्षण:
- सांस्कृतिक विरासत: झांकी में एक सैनिक को मंदिरों की सुरक्षा करते हुए दिखाया गया है, जो सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश देता है।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता: महेश्वरी बुनकरों की कला का प्रदर्शन यह बताता है कि कैसे लोकमाता ने सदियों पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया था।
- कलात्मक प्रस्तुति: झांकी के साथ मध्य प्रदेश के लोक कलाकारों का पारंपरिक नृत्य इस पूरी प्रस्तुति में प्राण फूँक देगा, जिससे दर्शक भावनात्मक रूप से प्रदेश की संस्कृति से जुड़ सकेंगे।