नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट वादे को पूरा करते हुए आयकर विभाग ने नए नियमों का खाका पेश कर दिया है। अब टैक्स फॉर्म को समझना और भरना आसान होगा क्योंकि इनकी भाषा को ‘यूजर-फ्रेंडली’ बनाया गया है।
नए बिल की 4 महत्वपूर्ण बातें:
- शब्दावली में बदलाव: अब ‘असेसमेंट ईयर’ (Assessment Year) की जगह सीधा ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा। हालांकि बिल के सेक्शन 298 से बढ़कर 536 हो गए हैं, लेकिन पन्नों की संख्या 823 से घटकर 622 रह गई है।
- क्रिप्टो पर सख्ती: डिजिटल संपत्तियों (Crypto Assets) को अब नकदी और ज्वेलरी की तरह ‘अनडिस्क्लोज्ड इनकम’ (अघोषित आय) के दायरे में रखा जाएगा।
- टैक्सपेयर्स चार्टर: करदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक विशेष चार्टर शामिल किया गया है, जो टैक्स प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
- सैलरी क्लास को राहत: स्टैंडर्ड डिडक्शन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे सैलरी से जुड़े सभी कटौतियों को अब एक ही जगह पर सूचीबद्ध किया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होगी।