भारत की खुदरा महंगाई दर में जनवरी महीने के दौरान उछाल देखा गया है। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा गुरुवार, 12 फरवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार, रिटेल महंगाई पिछले महीने के 1.33% से बढ़कर अब 2.75% पर पहुंच गई है। यह पिछले 8 महीनों का उच्चतम स्तर है; इससे पहले मई 2025 में महंगाई 2.82% दर्ज की गई थी।
आधार वर्ष और गणना में बड़ा बदलाव सरकार ने महंगाई मापने के तरीके में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आधार वर्ष (Base Year) को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। यह बदलाव एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद हुआ है। अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि इस बदलाव के बाद महंगाई 2.77% के करीब रहेगी, और वास्तविक आंकड़े लगभग उसी के अनुरूप आए हैं।
बदली भारतीयों की प्राथमिकताएं सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग के अनुसार, जैसे-जैसे भारतीयों की आय बढ़ी है, उनके खर्च करने का तरीका बदला है। अब लोग भोजन पर अपनी कुल आय का कम हिस्सा खर्च कर रहे हैं, जबकि हाउसिंग और अन्य सेवाओं पर खर्च बढ़ा है। इसी कारण पुराने इंडेक्स में खाने-पीने की चीजों का वेटेज जो 50% था, उसे अब घटाकर 36.8% कर दिया गया है।