वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यायपालिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैश्विक टैरिफ को रद्द किए जाने के ठीक बाद, ट्रंप ने शनिवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% करने का बड़ा ऐलान किया। राष्ट्रपति ने इसके लिए नए कानून ‘सेक्शन-122’ का सहारा लिया है।
अदालती फैसला और ट्रंप की प्रतिक्रिया: इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के पुराने टैरिफ आदेश को अवैध घोषित कर दिया था। कोर्ट का तर्क था कि राष्ट्रपति IEEPA कानून के तहत यह अधिकार नहीं रखते, क्योंकि यह शक्ति केवल संसद (कांग्रेस) के पास है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने जजों को ‘देश के लिए कलंक’ बताया और कहा कि उनमें देशहित में कड़े फैसले लेने की हिम्मत नहीं है।
भारत पर प्रभाव: इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं और भारत के साथ हुई ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।