भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर और उज्जैन के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट को किसानों के सुझावों का सम्मान करते हुए ‘एलिवेटेड’ के बजाय ‘जमीनी स्तर’ पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास पर इंदौर और उज्जैन के किसान प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने आश्वासन दिया कि जिन भी किसानों की भूमि इस परियोजना में आएगी, उन्हें शासन द्वारा उचित और पारदर्शी मुआवजा दिया जाएगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- बजट और विस्तार: मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा 2935.15 करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
- लाभान्वित क्षेत्र: यह सड़क 2 जिलों के 28 ग्रामों की सूरत बदल देगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।
- सुरक्षा और सुविधा: वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन-बदनावर मार्ग की क्रॉसिंग पर विशाल जंक्शन बनाए जाएंगे। सुरक्षित यातायात के लिए टोल प्लाजा पर आधुनिक प्रबंध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मार्ग न केवल सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के काम आएगा, बल्कि जानापाव जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी सुरक्षित बनाएगा। किसानों ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।