मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भीलवाड़ा प्रवास के दौरान ‘सनातन मंगल महोत्सव’ में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान में संतों की भूमिका को निरापद बताते हुए कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को वेद-पुराण पढ़ाएं और बचपन से ही संतों की शरण में भेजें ताकि वे संस्कारवान बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए संकल्पित है। उन्होंने श्री रामचन्द्र गमन पथ और श्री कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की प्रगति साझा की। कार्यक्रम में राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के सपने का साकार होना बताया। वहीं, राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज ने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए स्वामी हंसरामजी की ‘हंसगंगा यात्रा’ की सराहना की। इस समागम में बड़ी संख्या में देशभर के महामंडलेश्वर, महंत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।