मिडिल-ईस्ट में युद्ध ने बेहद विनाशकारी मोड़ ले लिया है। शनिवार को हुए एक भीषण हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि इन हमलों में अब तक ईरान के 48 शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और अमेरिका ने ईरान के 9 जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है। रविवार को भी हमले जारी रहे, जिसमें ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय को निशाना बनाया गया।
खामेनेई के परिवार का अंत और भारी तबाही: इजराइली वायुसेना और अमेरिका ने मिलकर पिछले 24 घंटों में ईरान पर 1,200 से अधिक बम गिराए हैं। खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलें दागी गईं, जिसमें न केवल सर्वोच्च नेता, बल्कि उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती की भी मौत हो गई। इस हमले में कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 हाई-प्रोफाइल कमांडर्स भी मारे गए हैं। तेहरान समेत 10 बड़े शहरों में हुई बमबारी में 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं, जिनमें एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से मारी गई 148 छात्राएं भी शामिल हैं।
ईरान का शोक और जवाबी कार्रवाई: खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिन के राजकीय शोक और 7 दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। सत्ता संभालने के लिए राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अस्थायी समिति बनाई गई है। वहीं, ईरानी सेना ने इजराइल और मध्य-पूर्व के 9 देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इन पलटवारों में इजराइल में 9 और 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर है।