मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार, 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के ग्राम नागलवाड़ी में प्रदेश की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ आयोजित होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है और नागलवाड़ी की इस बैठक में खेती-किसानी से जुड़े कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस खास दिन पर पूरा मंत्रिमंडल नागलवाड़ी में मौजूद रहेगा। दिन भर चलने वाले कार्यक्रमों में कृषि कैबिनेट के साथ-साथ प्रबुद्धजनों और किसानों से सीधा संवाद भी होगा। साथ ही, कृषि और जनजातीय विकास पर केंद्रित एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़वानी प्रवास और कृषि कैबिनेट से जुड़ी प्रमुख जानकारी निम्नलिखित है:
- प्रमुख उद्देश्य: किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय को दोगुना करने के संकल्प को पूरा करना।
- कृषि कैबिनेट: सोमवार, 2 मार्च को नागलवाड़ी में पहली बार कृषि विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन।
- संवाद कार्यक्रम: कृषि कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री किसानों और प्रबुद्ध नागरिकों से चर्चा कर क्षेत्र के विकास हेतु सुझाव लेंगे।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: मुख्यमंत्री और सभी मंत्री प्राचीन भिलट देव मंदिर में दर्शन करेंगे और जुलवानिया के प्रसिद्ध ‘भगोरिया हाट’ की परंपरा का हिस्सा बनेंगे।
- प्रदर्शनी: कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय कल्याण और आधुनिक कृषि तकनीकों पर आधारित विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
- महत्व: यह आयोजन निमाड़ क्षेत्र के समग्र विकास और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निर्णायक माना जा रहा है।