नई दिल्ली: भारत के सबसे प्रतिष्ठित भू-राजनीति और भू-अर्थव्यवस्था सम्मेलन, ‘रायसीना डायलॉग’ के 11वें संस्करण की शुरुआत आज से देश की राजधानी में हो रही है। 5 से 7 मार्च 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महाकुंभ में दुनिया भर के दिग्गज नेता और नीति-निर्माता जुट रहे हैं। साल 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह सम्मेलन हर साल ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और विदेश मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाता है।
मुख्य आकर्षण और थीम: इस वर्ष के सम्मेलन का विषय “Saṁskāra: Assertion, Accommodation, Advancement” रखा गया है। यह विषय वैश्विक उथल-पुथल के बीच सभ्यतागत मूल्यों, अनुकूलनशीलता और निरंतर प्रगति पर केंद्रित है। उद्घाटन सत्र में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि इस यात्रा से भारत और फिनलैंड के द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: सम्मेलन में भूटान के विदेश मंत्री ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल और रवांडा के विदेश मंत्री ओलिवियर जे.पी. नदुहंगिरेहे भी शामिल हो रहे हैं। रवांडा के मंत्री इस दौरान भारत-रवांडा संयुक्त आयोग की बैठक में भी शिरकत करेंगे। यह मंच जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सुरक्षा, और इंडो-पैसिफिक जैसे गंभीर मुद्दों पर वैश्विक विमर्श का केंद्र बनेगा।