मध्य प्रदेश में वन्य-जीव संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में विकसित “असूचना तंत्र” का प्रभावी परिणाम सामने आया है। जलीय जीवों की तस्करी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी तारकनाथ घोष को उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) से कानपुर तक पीछा कर दबोच लिया गया है।
प्रकरण की पृष्ठभूमि और बरामदगी:
- जुलाई 2025 की कार्रवाई: भोपाल और शिवपुरी इकाइयों ने पूर्व में 3 आरोपियों से घड़ियाल के 30 शावक, 17 ‘रेड क्राउंड-रूफ्ड’ कछुए और 19 ‘स्ट्रिप्ड-रूफ्ड’ कछुए जब्त किए थे।
- पूर्व गिरफ्तारियाँ: इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
- इनामी अपराधी: तारकनाथ घोष लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसे पकड़ने के लिए संयुक्त टीम ने दिल्ली और मध्य प्रदेश के संसाधनों का उपयोग किया।
अधिकारियों का मानना है कि फॉरेस्ट रिमांड के दौरान पूछताछ से इस अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और काले कारनामों का खुलासा होगा।