नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से एलएनजी शिपमेंट में पैदा हुई बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (ECA) के तहत विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पाइपलाइन वाली रसोई गैस (PNG), परिवहन के लिए सीएनजी (CNG) और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सरकार के अनुसार, युद्ध के कारण कई अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं ने ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) घोषित कर दिया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए प्राकृतिक गैस को अब सबसे पहले प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भेजा जाएगा। इसके साथ ही, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए दो सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतर बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर पर ले जाएं।