महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ते मानव-तेंदुआ संघर्ष को देखते हुए एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव को हरी झंडी दी है। वन मंत्री गणेश नाइक ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य कैबिनेट ने तेंदुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की ‘अनुसूची 1’ से हटाकर ‘अनुसूची 2’ में पुनर्वर्गीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विधानसभा में सत्यजीत देशमुख द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में केंद्र सरकार से इस बदलाव की औपचारिक अनुमति मांगी जा रही है। इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव यह होगा कि यदि कोई तेंदुआ मानवीय बस्ती में घुसता है और आत्मरक्षा में मारा जाता है, तो संबंधित व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मानव जीवन के लिए खतरा बनने वाले तेंदुओं को ‘मानवहारी’ घोषित करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।