केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से सूचित किया कि भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणाली में पिछले दशक में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। मंत्री के अनुसार, गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या जो 2014-15 में 135 थी, वह 2025-26 (28 फरवरी तक) में घटकर केवल 14 रह गई है।
सांख्यिकीय तुलना:
- यूपीए शासन (2004-14): 1,711 गंभीर दुर्घटनाएं, 904 मौतें।
- एनडीए शासन (2014-24): 678 गंभीर दुर्घटनाएं, 748 मौतें।
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर होने वाला खर्च जो 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपये था, उसे बढ़ाकर 2025-26 में 1,17,693 करोड़ रुपये कर दिया गया है। आगामी वर्ष (2026-27) के लिए 1,20,389 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। तकनीकी मोर्चे पर, 6,665 स्टेशनों पर ‘इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग’ और 1,452 किमी मार्ग पर स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली लागू की जा चुकी है।