जीवन का असली आनंद भौतिकता में नहीं, अंतर्मन की संतुष्टि में है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

जीवन का असली आनंद भौतिकता में नहीं, अंतर्मन की संतुष्टि में है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “आनंद के आयाम” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य अक्सर सुख-सुविधाओं और विलासिता में खुशी तलाशता है, जबकि वास्तविक आनंद मानवीय भावों की तृप्ति से उपजता है।

सनातन संस्कृति और आनंद का संबंध मुख्यमंत्री ने भारतीय परिवार व्यवस्था और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना पर जोर देते हुए कहा कि दूसरों के सुख में अपना सुख देखना ही हमारी संस्कृति का आधार है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी और यशोदा मैया के जीवन का उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे कष्टों के बीच भी आनंद की अनुभूति की जा सकती है। उन्होंने सिंहस्थ के साधु-संतों का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन साधना के बावजूद वे ईश्वर के सामीप्य के कारण सदैव आनंदित रहते हैं।

पुरस्कार वितरण और उपलब्धियाँ इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘आनंदोत्सव’ के दौरान आयोजित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

  • फोटोग्राफी: श्री मिलिंद कुमार (प्रथम), श्री शैलेंद्र बिहार (द्वितीय) और सुश्री सीमा अग्निहोत्री (तृतीय)।
  • वीडियोग्राफी: श्री सैयद अफजान (प्रथम), श्री राजा खान (द्वितीय) और श्री जीवन रजक (तृतीय)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *