मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खेल और शारीरिक स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में खेलों को सदैव प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामायण और महाभारत काल से ही हमारे ग्रंथों में व्यायाम और शरीर को पुष्ट रखने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन स्थित होटल हयात प्लेस में आयोजित ‘पंख खेल पुरस्कार 2026’ के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक खेल हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहेंगे, बीमारियां हमसे दूर रहेंगी। उन्होंने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं और खेल को बढ़ावा देने वाले संरक्षकों को सम्मानित किया। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए पूरी तरह समर्पित है और प्रदेश के सभी जिलों में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सफलता का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास ही विजय का आधार है।
सिंहस्थ 2028 और आध्यात्मिक दृष्टिकोण टॉक-शो के दौरान एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी सिंहस्थ महापर्व की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन जैसे सीमित आबादी वाले शहर में 30 करोड़ लोगों की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है, जिसे सरकार जनता के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा करेगी। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन के साथ आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाने का भी आह्वान किया।