मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के अवसर पर उज्जैन के पावन रामघाट पर आयोजित ‘सृष्टि आरंभ उत्सव’ का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि आगामी सिंहस्थ-2028 को अभूतपूर्व बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के भाग्य को परमात्मा ने विशेष रूप से लिखा है और यहाँ आने वाले हर व्यक्ति का जीवन संवर जाता है।
सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक तकनीक का मिलन मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हुए भव्य ड्रोन और लेजर शो की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ दुनिया ड्रोन का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं उज्जैन में यह तकनीक देवी-देवताओं की झलक दिखाकर आस्था का संगम प्रस्तुत कर रही है। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विक्रमोत्सव-2026 उसी गौरवगाथा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
विकास और उद्योग पर जोर धार्मिक विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने उज्जैन के औद्योगिक कायाकल्प पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विक्रम उद्योगपुरी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुका है। कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए नए एयरपोर्ट, हेलीकॉप्टर सेवाओं और फोरलेन/सिक्सलेन मार्गों का जाल बिछाया जा रहा है। कार्यक्रम में पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।