मौसम का यू-टर्न: मार्च की भीषण गर्मी पर भारी पड़ा पश्चिमी विक्षोभ, देश के बड़े हिस्से में ओलावृष्टि और शीतलहर का अलर्ट
1. मार्च के दो चेहरे: गर्मी से ठिठुरन तक का सफर
मार्च के शुरुआती 15 दिनों ने जहाँ देश को समय से पहले आ रही गर्मियों का संकेत दिया था, वहीं दूसरे पखवाड़े में मौसम ने पूरी तरह पासा पलट दिया है। महीने की शुरुआत में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था और कई राज्यों में लू (Heatwave) चलने लगी थी। लेकिन वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और विभिन्न वायुमंडलीय प्रणालियों के कारण मैदानी इलाकों में तापमान गिरकर 20 डिग्री और दिल्ली जैसे शहरों में न्यूनतम 13°C तक लुढ़क गया है।
2. हिमालयी राज्यों में ‘विंटर वंडरलैंड’ जैसे हालात
हिमाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी ने मार्च के अंत में जनवरी जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
- बर्फ की परत: अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ जमी है।
- जनजीवन प्रभावित: भुंतर-मनिकरण मार्ग भूस्खलन के कारण ठप है। मनाली-रोहतांग मार्ग पर यातायात नेहरू कुंड तक ही सीमित है। लाहौल घाटी का संपर्क कट चुका है।
- तापमान: कल्पा में पारा 0 डिग्री और कुकुमसेरी में 1.1 डिग्री दर्ज किया गया।
3. आगामी 48 घंटों का पूर्वानुमान और रेड/ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है:
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल: यहाँ 70 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और भारी ओलावृष्टि की संभावना है। ओडिशा और सिक्किम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- मैदानी इलाकों का हाल: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अगले 2-3 दिनों में तापमान 2-3 डिग्री और गिर सकता है।
- दक्षिण भारत: केरल और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी बरकरार रहेगी, जबकि कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश संभव है।