आगामी चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में आयोग ने अंतर-राज्यीय समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
इस बैठक में चुनाव वाले 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनके साथ लगने वाले 12 सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिवों, सीईओ, डीजीपी और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों ने चुनाव तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों तथा छह राज्यों के उपचुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स और हथियारों की आवाजाही को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर सीमाओं को सील करने की भी बात कही गई।
निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राज्यों से सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सभी राज्य मिलकर काम करें ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या प्रलोभन को रोका जा सके।
केंद्रीय एजेंसियों जैसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आयकर विभाग, सीजीएसटी और राजस्व खुफिया निदेशालय को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। इन एजेंसियों को खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक जब्ती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए बहुविभागीय समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सूचना के आदान-प्रदान और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई। आयोग का उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण रहे।