उत्तर भारत पर कुदरत की मार: राजस्थान-एमपी समेत 5 राज्यों में ओलावृष्टि और बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी
मार्च के महीने में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक भारी उथल-पुथल की संभावना है। मौसम विभाग ने राजस्थान के बीकानेर, चूरू और श्रीगंगानगर सहित 8 जिलों में ओले गिरने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। किसानों को कटी हुई फसलें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की सख्त सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में भी गर्मी के तीखे तेवरों के बीच मार्च में तीसरी बार बारिश की दस्तक होने वाली है। गुरुवार को जहां प्रदेश का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा, वहीं अब ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आए एवलांच के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन कर 20 गाड़ियों को सुरक्षित निकाला गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओलावृष्टि का यह दौर 30 मार्च तक जारी रहने के आसार हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। नीचे राज्यवार विवरण दिया गया है:
- राजस्थान: 27 से 30 मार्च तक बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जैसे जिलों में ओलावृष्टि की आशंका है। फसलों के नुकसान का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
- उत्तर प्रदेश: लखनऊ और मेरठ समेत 10 जिलों में सुबह से ही बादल छाए हैं। विभाग ने 38 जिलों में हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक की चेतावनी दी है।
- मध्य प्रदेश: भीषण गर्मी के बीच अचानक बदलाव आएगा। नर्मदापुरम में सीजन का सबसे गर्म दिन (41 डिग्री) दर्ज होने के बाद अब ग्वालियर संभाग में बारिश की उम्मीद है।
- हरियाणा: रेवाड़ी और नारनौल में शुरू हुई बारिश अब पूरे प्रदेश में 30 मार्च तक फैल सकती है। 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं नुकसानदेह हो सकती हैं।
- पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व जेएंडके): उत्तराखंड के 5 ऊंचे जिलों (उत्तरकाशी, चमोली आदि) में 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी का अलर्ट है। पुंछ (J&K) में एवलांच की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।