‘मन की बात’ में पीएम मोदी का फिटनेस मंत्र—शुगर और तेल कम करें, रोज करें योग-व्यायाम

‘मन की बात’ में पीएम मोदी का फिटनेस मंत्र—शुगर और तेल कम करें, रोज करें योग-व्यायाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए फिटनेस को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि अगर लोग अपनी जीवनशैली और खानपान में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो वे कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भोजन में शुगर और तेल की मात्रा कम करने और रोजाना व्यायाम करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब करीब है और इसमें सौ दिनों से भी कम समय शेष रह गया है। दुनिया भर में योग के प्रति बढ़ते रुझान का जिक्र करते हुए उन्होंने अफ्रीका के जिबूती का उदाहरण दिया। वहां अल्मीस नाम के व्यक्ति अपने अरविंद योग सेंटर के माध्यम से योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और लोगों को नियमित रूप से योग सिखाकर उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके एक कमेंट को लेकर हो रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ के एक पोस्ट पर उनके जवाब ने काफी ध्यान आकर्षित किया। युवराज ने उनसे अनुरोध किया था कि वे उनके पिता को शुगर का सेवन कम करने के लिए प्रेरित करें। प्रधानमंत्री ने खुशी जताई कि उनके इस सुझाव का सकारात्मक असर पड़ा और युवराज के पिता ने इसे अपनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में शुगर का सेवन कम करें और खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल में कम से कम 10 प्रतिशत की कटौती करें। उन्होंने बताया कि ये छोटे-छोटे प्रयास मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिटनेस का लाभ केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।

अंत में, प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से आग्रह किया कि वे योग, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

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