राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को मंडला जिले के बिछिया विकासखंड स्थित कन्हारीकला में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से आज देश में जनजातीय वर्ग का समग्र विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पशुपालन से आर्थिक समृद्धि का मंत्र राज्यपाल ने ‘मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना’ के तहत मंडला, डिंडौरी और बालाघाट के कुल 94 बैगा हितग्राहियों को पशु वितरित किए। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि दूध का उपयोग पहले बच्चों के पोषण के लिए करें और शेष दूध बेचकर अपनी आय बढ़ाएं। उन्होंने पशुओं की देखभाल बच्चों की तरह करने, समय पर चारा-पानी और दवाइयां देने पर विशेष जोर दिया।
जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के दौरान बैगा जनजातीय नृत्य देख राज्यपाल ने संस्कृति के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आंगनवाड़ी को ‘व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला’ बताते हुए वहां पोषण वाटिका की सिंचाई के लिए घर के इस्तेमाल किए हुए पानी का उपयोग करने (जल संरक्षण) का अभिनव सुझाव दिया।