अंतरिक्ष विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान का संगम: उज्जैन में 15 करोड़ के नए साइंस सेंटर का होगा लोकार्पण

अंतरिक्ष विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान का संगम: उज्जैन में 15 करोड़ के नए साइंस सेंटर का होगा लोकार्पण

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन को विज्ञान और नवाचार की धुरी बनाने के संकल्प के साथ आज कई महत्वपूर्ण सौगातें दी जा रही हैं। 3 से 5 अप्रैल तक डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम में आयोजित होने वाले सम्मेलन में इसरो, डीआरडीओ और आईआईटी इंदौर जैसे संस्थानों के वैज्ञानिक तकनीकी सत्रों का हिस्सा बनेंगे।

साइंस सेंटर की मुख्य विशेषताएं:

  • सुविधाएं: गैलरी ऑन साइंस, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन लैब और हेरिटेज गैलरी।
  • कार्यशालाएं: मानवरहित विमान (UAV), रिमोट कंट्रोल तकनीक और सैटेलाइट निर्माण पर विशेष सत्र।
  • वैज्ञानिक अनुभव: टेलीस्कोप से रात्रि आकाश का अध्ययन और सूर्य के सन-स्पॉट का सुरक्षित अवलोकन।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा यह आयोजन ‘विकसित भारत’ में स्पेस इकोनॉमी की भूमिका और भारतीय काल गणना के वैज्ञानिक आधार को रेखांकित करेगा। टोक्यो विश्वविद्यालय के प्रो. यासुहाइड होबारा और नीति आयोग के डॉ. वी.के. सारस्वत जैसे वैश्विक विशेषज्ञ इस मंच पर अपने शोध साझा करेंगे।

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