नई दिल्ली के रेल भवन में शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि भारतीय रेल का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देशभर की रेलवे व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्री हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता और व्यवस्था देश की छवि को दर्शाती है, इसलिए इन्हें साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से सामूहिक प्रयास के जरिए यात्री अनुभव को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
सुरक्षा और प्रदर्शन के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मंत्री ने पिछले वर्ष दुर्घटनाओं में आई ऐतिहासिक कमी और रिकॉर्ड स्तर की माल ढुलाई के लिए कर्मचारियों की सराहना की। त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनों के सफल संचालन को भी उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया और पीक सीजन में बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए मिले रिकॉर्ड बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर स्टेशनों का विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार किया जाना चाहिए। भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों के मुद्दे पर उन्होंने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की बात कही और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर समाधान निकालने पर जोर दिया, ताकि किसी की आजीविका प्रभावित न हो।
एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत रेल मंत्रालय ने जहां संभव हो, फुट ओवरब्रिज के स्थान पर अंडरपास को प्राथमिकता देने की बात कही। ये अंडरपास पैदल यात्रियों के साथ-साथ साइकिल, दोपहिया और कुछ मामलों में छोटे वाहनों के लिए भी उपयोगी होंगे। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों में पायलट परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
अंत में मंत्री ने समयपालन बनाए रखने वाले रेलवे जोनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे के निरंतर विकास से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।