भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं और पार्टी की विचारधारा व कार्यशैली को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने हर निर्णय और दृष्टिकोण में जनकल्याण को केंद्र में रखती है, जो केंद्र और विभिन्न राज्यों में किए गए कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि भाजपा हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ के सिद्धांत से प्रेरित रही है और समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाती आई है। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के निर्माण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से देश को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
इस दौरान पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर मेहनत कर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा है। साथ ही उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिनके त्याग और संघर्ष ने पार्टी को आज इस मुकाम तक पहुंचाया।
प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य संदेश में दृढ़ संकल्प की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि यही वह ताकत है, जो कठिन चुनौतियों को भी आसान बना देती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस संकल्प का जीवंत उदाहरण बताया और स्थापना दिवस पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें महादेव की कृपा से दृढ़ संकल्प वाले लोगों के कार्य सफल होने की कामना की गई है।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा न केवल दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है, बल्कि भारतीय राजनीति में शीर्ष स्थान पर भी स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों के विकास और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भाजपा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर पूरी ताकत से काम कर रही है और उसे देश की जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनसंघ काल से लेकर आज तक की यात्रा लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और तपस्या का परिणाम है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है।