भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की ग्रामीण सड़कों के निर्माण में वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर दिया है। सोमवार को समत्व भवन में आयोजित ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ की बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने ‘सिपरी (SIPRI) सॉफ्टवेयर’ की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल डीपीआर तैयार करने, बल्कि पुल-पुलियों की सटीक आवश्यकता बताने में भी अत्यंत उपयोगी है।
बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के तहत प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। खास बात यह है कि ‘रिम्स (RIMS) पोर्टल’ के माध्यम से पुरानी सड़कों की ‘जियो-इंवेंट्री’ की जा रही है, ताकि नई सड़कों के चयन में दोहराव न हो। अब तक निर्धारित लक्ष्य की आधी से अधिक (17,437) सड़कों की जियो-इंवेंट्री पूरी हो चुकी है, जिसमें रतलाम, जबलपुर और मंदसौर जैसे जिले सबसे आगे हैं।