मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘कृषि मंथन’ कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर और गौ-पूजन के साथ विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश को 23.21 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें विश्वविद्यालय का नवीन प्रशासनिक भवन, गन्ना अनुसंधान केंद्र (बोहानी) और तरल जैव उर्वरक उत्पादन केंद्र जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे में ‘जय अनुसंधान’ जोड़ते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को केवल बुनियादी सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और बेहतर मार्केट लिंकेज भी प्रदान कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में दूध उत्पादन का लक्ष्य 9% से बढ़ाकर 20% किया जाएगा और स्कूलों में बच्चों को निःशुल्क दूध दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेहूँ का उपार्जन 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जिसमें किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जाएगा, जिसे 2700 रुपये तक ले जाने का संकल्प है।