राजभवन (लोक भवन) के सांदीपनि सभागार में बुधवार को राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश का संयुक्त स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की ‘विविधता में एकता’ का उत्सव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भावी पीढ़ी को देश की साझा विरासत और सांस्कृतिक यात्रा से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने तीनों राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों—जैसे राजस्थान के विजय सिंह पथिक, ओडिशा के लक्ष्मण नाइक और हिमाचल के ‘पहाड़ी गांधी’ कांशीराम—के बलिदानों को याद किया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने विशेष रूप से बेटियों की भागीदारी को महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में ओडिसी नृत्य, घूमर, कठपुतली और हिमाचली लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।