मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों पर केवल आवास ही नहीं, बल्कि अध्ययनशीलता और देशभक्ति का एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावासों के प्रबंधन में जन अभियान परिषद और गायत्री परिवार जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का सहयोग लिया जाए ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही न बरती जाए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील प्रबंधन, आवश्यक प्रशिक्षण और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के 3000 और अनुसूचित जाति विकास विभाग के लगभग 2000 आश्रम व छात्रावास संचालित हो रहे हैं।