“डायल-112 हीरोज” श्रृंखला की एक और प्रेरक कहानी विदिशा के रामपुरा से सामने आई है। जहाँ एक 8 साल की मासूम बालिका अपनों से बिछड़कर अनजान राहों पर भटक रही थी, वहीं डायल-112 के जवानों ने उसे सुरक्षा और परिवार का सान्निध्य पुनः प्रदान किया। यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों की सुरक्षा के प्रति कितनी सजग और प्रतिबद्ध है।
जब जवानों ने बच्ची को संरक्षण में लिया, तो वह डरी हुई थी और अपने घर का पता बताने में असमर्थ थी। आरक्षक गजेंद्र राठौर और पायलट नासिर खान ने धैर्य से काम लिया और बच्ची को साथ लेकर घर-घर जाकर पूछताछ की। आखिर उनकी मेहनत रंग लाई और बच्ची के परिचितों के माध्यम से उसके परिवार का पता चल गया। जैसे ही बच्ची को परिजनों के सुपुर्द किया गया, परिवार की आंखों में खुशी और पुलिस के प्रति आभार के आंसू छलक आए।