परिसीमन प्रक्रिया निष्पक्ष होगी, किसी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव: पीएम मोदी

परिसीमन प्रक्रिया निष्पक्ष होगी, किसी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि देश में होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी और इसमें किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम संविधान की भावना और राष्ट्रीय एकता के अनुरूप उठाया जाएगा।

लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ आश्वस्त करते हैं कि देश के किसी भी हिस्से—चाहे दक्षिण, उत्तर, पूर्व या पश्चिम—के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में तय किए गए प्रतिनिधित्व के अनुपात में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और भविष्य में होने वाली वृद्धि भी उसी आधार पर होगी।

विपक्ष द्वारा उठाई जा रही आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी को भरोसे की आवश्यकता है तो वे आश्वासन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी नीयत स्पष्ट है और इस विषय पर शब्दों के खेल की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ से जोड़कर देख रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने जोड़ा कि यदि इस प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा तो राजनीतिक लाभ उन्हें मिल सकता है, लेकिन यदि सभी साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे तो किसी का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक पारित होने के बाद सभी दलों को इसका श्रेय देने के लिए वे तैयार हैं।

प्रधानमंत्री ने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को क्षेत्रीय दृष्टिकोण से विभाजित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत एक है और इसे टुकड़ों में सोचने का कोई औचित्य नहीं है।

अपने संबोधन में उन्होंने नारी सशक्तीकरण का मुद्दा भी उठाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देना कोई दया नहीं बल्कि उनका अधिकार है, जिसे लंबे समय से रोका गया है। उन्होंने इसे सुधार का अवसर बताते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी है और इसी के तहत पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए व्यवस्था बनाई गई है।

अपने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संवेदनशील मुद्दों के समाधान में अनुभव और प्रतिबद्धता अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर किए गए प्रयोगों ने यह सिद्ध किया है कि सही नीयत और अनुभव के साथ बड़े परिवर्तन संभव हैं। उनके अनुसार, समय के साथ अनुभव की गहराई बढ़ने से उसकी प्रभावशीलता भी कई गुना बढ़ जाती है।

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