उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की चपेट में हैं, जहां तापमान 40°C से 46°C के बीच बना हुआ है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते बुधवार को दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में मौसम बदल गया और हल्की बारिश दर्ज की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 राज्यों में आंधी और गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है।
देश के मैदानी इलाकों में मंगलवार को प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखा गया। उत्तर प्रदेश का बांदा 45.6°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि मध्य प्रदेश के खजुराहो में पारा 44.8°C और भोपाल में सीजन का सर्वाधिक 43.6°C रिकॉर्ड किया गया। गर्मी का आलम यह है कि मध्य प्रदेश के देवास में एक बारात 20 कूलरों के साथ निकाली गई, वहीं राजस्थान के कोटा में अत्यधिक ताप के कारण एक चलती स्कूटी में आग लग गई। ओडिशा के झारसुगुड़ा में भी पारा 45.3°C के पार पहुंच गया है, जिसके चलते वहां प्रशासन द्वारा विशेष ‘लू सेंटर’ स्थापित किए जा रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच तकनीकी और बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ रहा है। राजस्थान के धौलपुर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के जनरल कोच के ब्रेक पैडल वाले हिस्से में गर्मी की वजह से आग लगने की घटना सामने आई। वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रशासन ने लू से राहत देने के लिए विभिन्न स्थानों पर वाटर एटीएम लगाए हैं। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज काफी सख्त है। मिजोरम में भारी बारिश और तूफान के कारण लगातार दूसरे दिन सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में देश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होंगी। 30 अप्रैल को छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि व आंधी की आशंका है, जबकि 1 मई को बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और ओले गिरने का अनुमान है, जिससे तापमान में 1°C से 5°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।