मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 हजार श्रमिक परिवारों को अंतरित किए 600 करोड़ रुपये, गिग वर्कर्स भी दायरे में शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 हजार श्रमिक परिवारों को अंतरित किए 600 करोड़ रुपये, गिग वर्कर्स भी दायरे में शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के श्रमिक वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना’ के तहत 600 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि जारी की है। मंत्रालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में यह राशि सीधे हस्तांतरित की। इस अवसर पर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधि व श्रमिक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से ‘गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ (विभिन्न सेवाओं की होम डिलीवरी करने वाले कर्मी) का उल्लेख करते हुए बताया कि अब इन्हें भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार 3529 गिग वर्कर्स को योजना के दायरे में लाने के लिए उन्होंने विभाग के प्रयासों की सराहना की और कहा कि पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान करना शासन का प्राथमिक उत्तरदायित्व है।

औद्योगिक सुरक्षा और मानकों में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की अनूठी पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के जरिए औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन का आकलन किया जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस रेटिंग प्रणाली को अपनाया है। डॉ. यादव ने नागरिकों से भी अपील की कि वे उन संस्थानों से सेवाएं लेने और उत्पाद खरीदने को प्राथमिकता दें जो अपने श्रमिकों के अधिकारों के प्रति सजग हैं और श्रम स्टार रेटिंग का पालन करते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम संहिताओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर रही है, ताकि श्रमिकों को और अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने संबल योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों—बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगोन की प्रशंसा की और अन्य जिलों को भी इसी सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना से अब तक 1 करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं और कुल 7,720 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त हो रहे श्रम विभाग के अपर सचिव संजय कुमार को उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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