इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की डायल-112 सेवा ने सक्रियता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक 10 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया। रास्ता भटक जाने के कारण बालिका असुरक्षित स्थिति में थी, जिसे पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल संरक्षण दिया, बल्कि उसके माता-पिता की चिंता को भी दूर किया। समय पर मिली इस मदद से पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता एक बार फिर उजागर हुई है।
यह घटना 30 अप्रैल 2026 की है, जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को सूचना मिली कि बड़ा गणपति क्षेत्र के पास एक छोटी बच्ची अकेली और परेशान स्थिति में मिली है। जानकारी के अनुसार, बालिका अपने घर का रास्ता भूल गई थी और उसे तत्काल पुलिस सहायता की जरूरत थी। सूचना मिलते ही मल्हारगंज क्षेत्र में तैनात डायल-112 की एफआरव्ही (FRV) गाड़ी को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुँचे आरक्षक मनीष सलोने, आरक्षक डोंगरे सिंह और पायलट नेमीचंद पटेल ने सबसे पहले बालिका को अपने संरक्षण में लिया और उसे ढांढस बंधाया। शुरुआती पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह कृष्ण पार्क कॉलोनी की रहने वाली है। इसके बाद बिना समय गंवाए पुलिस टीम बालिका को लेकर बताए गए पते की ओर निकल पड़ी। कृष्ण पार्क कॉलोनी पहुँचकर जब टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की, तो वहाँ बच्ची के परिजन उसे बदहवास होकर तलाशते हुए मिले।
पुलिस टीम ने आवश्यक पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपनी बच्ची को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और डायल-112 सेवा सहित मौजूद पुलिसकर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। ‘डायल 112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस की बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और आपातकालीन स्थितियों में उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण है।