मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जारी गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य सरकार किसानों से उनकी उपज खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान बड़ी संख्या में अपनी फसल बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग करा रहे हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ के उपार्जन हेतु स्लॉट बुक किए जा चुके हैं, जो इस प्रक्रिया के प्रति किसानों के विश्वास का सकारात्मक संकेत है।
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपार्जन केंद्रों पर अनाज की तुलाई से लेकर भंडारण तक की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। उन्होंने कहा कि स्लॉट बुकिंग का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रदेश के अन्नदाता सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल लाने के लिए उत्साहित हैं।
मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के कार्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गेहूँ खरीदी की इस पूरी कवायद को सुचारू बनाने के लिए डॉ. यादव ने मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने सभी संबंधित प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और उपार्जन केंद्रों का दौरा कर किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का एक भी किसान परेशान न हो और उनकी मेहनत का उचित मूल्य उन्हें समय पर प्राप्त हो।