उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-बारिश का कहर, बिहार में नौ की जान गई; पश्चिमी भारत में लू का प्रकोप जारी
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दो चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल और राजस्थान के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और वर्षा दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर मध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, जहाँ पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है।
बिहार में कुदरत का सबसे भयावह रूप देखने को मिला। राज्य के पटना सहित सात जिलों में शुक्रवार को आई भीषण आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से नौ लोगों की असमय मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से सर्वाधिक पांच मौतें राजधानी पटना में हुई हैं। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना में हवा की गति 135 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जिससे शहर में 600 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए।
पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के आगरा और जालौन में भी वर्षा हुई है, जबकि मऊ जनपद में ओलावृष्टि की सूचना है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रदेश के 17 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि यहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी दो दिनों के भीतर तापमान में वृद्धि होगी और पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को लांघ सकता है।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में शुक्रवार को देश का सर्वाधिक तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर और फलोदी में भी पारा 44 डिग्री रहा। मरुधरा में एक तरफ जहां पश्चिमी जिलों में हीटवेव शुरू हो गई है, वहीं बूंदी जिले में आंधी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां टिन शेड के साथ उड़े एक बुजुर्ग की 80 फीट दूर गिरने से मौत हो गई। हालांकि, नागौर और अजमेर जैसे इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से कुछ राहत भी मिली।
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिला-जुला असर दिख रहा है। बीते 24 घंटों में भोपाल और छिंदवाड़ा सहित 20 जिलों में हल्की बारिश हुई, लेकिन रतलाम 43.5 डिग्री और शाजापुर 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ तपते रहे। मौसम विभाग ने आज जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग सहित 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी उत्तरकाशी और चमोली सहित 8 जिलों में वर्षा और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के आसार हैं।