मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदना और मुस्तैदी का परिचय देते हुए एक 11 वर्षीय मासूम को उसके परिवार से मिलाने में सफलता प्राप्त की है। इंदौर जिले के किशनगंज थाना क्षेत्र में घर का रास्ता भटक कर घबराए हुए इस बालक को पुलिस जवानों ने न केवल सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उसे सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, 7 मई को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को एक सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया कि किशनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत रॉयल रेजीडेंसी के समीप एक 11 साल का बालक लावारिस हालत में घूम रहा है, जो संभवतः अपना रास्ता भूल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल क्षेत्र में तैनात डायल-112 की फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV) को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम में उप निरीक्षक श्रीमती कृष्णा, आरक्षक सुनील और पायलट राजेंद्र ठाकुर शामिल थे। उन्होंने बालक को अपने संरक्षण में लिया, जो उस समय काफी डरा हुआ था। घबराहट के कारण बालक अपने परिजनों या घर के पते के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं था। ऐसी स्थिति में जवानों ने धैर्य से काम लिया और बच्चे को विश्वास में लेकर उसे साथ बैठाया।
पुलिस टीम ने हार न मानते हुए आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ शुरू की और बालक की पहचान के प्रयास तेज किए। निरंतर खोजबीन और स्थानीय लोगों के सहयोग से अंततः पुलिस को बालक के परिजनों का सुराग मिल गया। पहचान की पुष्टि करने और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम बच्चे को लेकर उसके घर पहुँची और उसे सुरक्षित सौंप दिया।
अपने लाडले को वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा एवं जवानों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला की यह कड़ी दर्शाती है कि पुलिस बल केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी पूर्णतः समर्पित और संवेदनशील है।