मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के फेज-4 और ‘पीएम जन-मन’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनधारा बन चुकी है। मध्यप्रदेश आज ग्रामीण कनेक्टिविटी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इस राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से प्रदेश को विकास कार्यों के लिए 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण सौगातें प्राप्त हुई हैं।
ऐतिहासिक उपलब्धियां और पुरस्कार मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में मध्यप्रदेश ने सड़क निर्माण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य में 90 हजार 150 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछाकर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। विशेष रूप से, मध्यप्रदेश को सड़कों के निर्माण और उनके उत्कृष्ट रख-रखाव के लिए विभिन्न श्रेणियों में तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। सर्वाधिक लंबाई वाली सड़कों के निर्माण और गारंटी अवधि के बाद भी बेहतर रख-रखाव में मध्यप्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
केंद्र सरकार का बड़ा वित्तीय सहयोग कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 830 करोड़ रुपये का सांकेतिक आवंटन सौंपा। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2,055 करोड़ रुपये की ‘मदर सैंक्शन’ जारी की गई, जिससे प्रदेश का कोई भी गरीब बिना छत के नहीं रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार अब मूंग और सरसों की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदेगी।
भविष्य की योजनाएं और कनेक्टिविटी योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के अंतर्गत प्रदेश में 1,763 करोड़ रुपये की लागत से 2,117 किलोमीटर लंबी 973 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ‘पीएम जन-मन’ के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से जनजातीय बहुल क्षेत्रों में 384 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव की सड़कें केवल रास्ता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का आधार हैं।