मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी: CEIR पोर्टल की मदद से 2 सप्ताह में बरामद किए 1021 गुमशुदा मोबाइल, वास्तविक मालिकों को सौंपे

मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी: CEIR पोर्टल की मदद से 2 सप्ताह में बरामद किए 1021 गुमशुदा मोबाइल, वास्तविक मालिकों को सौंपे

मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा और चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक व्यापक अभियान चलाया है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, स्थानीय खुफिया तंत्र और केंद्रीय पोर्टल CEIR के प्रभावी इस्तेमाल से पुलिस ने पिछले दो सप्ताह के भीतर राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 1021 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है। अपने खोए हुए फोन को दोबारा पाकर नागरिकों ने राज्य पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

इस राज्यव्यापी मुहिम के तहत ग्वालियर जिले में पुलिस ने “तेरा तुझको अर्पण” नामक एक विशेष अभियान चलाया। इसके अंतर्गत ग्वालियर साइबर सेल की टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायतों पर त्वरित एक्शन लिया। पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से कुल 571 गुमशुदा मोबाइल फोन ट्रैक करके जब्त किए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपये है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने एक सराहनीय पहल करते हुए उन जागरूक नागरिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित और पुरस्कृत किया, जिन्होंने लावारिस मिले मोबाइलों को ईमानदारी से स्वयं साइबर सेल में जमा कराया था।

इसी तरह सतना जिले में पुलिस ने “ऑपरेशन रिंगटोन 2.0” के तहत तकनीकी सर्विलांस और CEIR पोर्टल का उपयोग कर 155 लापता मोबाइल फोन ढूंढ निकाले। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 29 लाख 31 हजार रुपये बताई गई है। गुना जिले में भी पुलिस ने अपनी तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए पोर्टल की मदद से 12 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के 64 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें संबंधित धारकों को सुपुर्द कर दिया। जबलपुर जिले की साइबर सेल टीम ने भी प्रभावी ढंग से काम करते हुए लगभग 18 लाख रुपये मूल्य के 106 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले।

आगर मालवा जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा “ऑपरेशन रिंगटोन” संचालित किया गया, जिसके तहत 15 लाख रुपये से अधिक कीमत के 81 गुम हुए मोबाइल फोन जब्त कर उनके असली मालिकों को सौंपे गए। इस रिकवरी कार्यक्रम के साथ ही पुलिस ने उपस्थित जनता को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए, उन्हें डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचने के उपाय बताए और यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। बुरहानपुर जिले के लालबाग थाना पुलिस ने एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने चोर के पास से एप्पल व अन्य कंपनियों के 3 मोबाइल फोन, 2 टैबलेट, 1 आईपोड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 3 लाख 20 हजार रुपये से अधिक है।

रेलवे पुलिस (जीआरपी) की विभिन्न इकाइयों ने भी मोबाइल चोरी पर नकेल कसने में बड़ी सफलता पाई है। जीआरपी कटनी ने मोबाइल चुराने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उनके कब्जे से 10 मोबाइल सहित करीब 3 लाख 20 हजार रुपये का माल बरामद किया। जीआरपी जबलपुर ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 67 हजार रुपये मूल्य के 4 मोबाइल फोन जब्त किए। इसके अतिरिक्त, जीआरपी-आरपीएफ उज्जैन ने संयुक्त कार्रवाई में मोबाइल चोरी का खुलासा करते हुए आरोपी को पकड़ा और 1 लाख 88 हजार रुपये की अनुमानित कीमत के 18 मोबाइल फोन बरामद किए। विदिशा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए मोबाइल चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके पास से 1 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के 6 चोरीशुदा मोबाइल फोन जब्त किए।

पुलिस की इन सभी सफल कार्रवाइयों में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल, सिटीजन कॉप ऐप और साइबर सेल की तकनीकी जांच की मुख्य भूमिका रही है। इस ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के लागू होने से अब आम नागरिकों को पुलिस थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं और वे घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करा पा रहे हैं। इससे जहां एक तरफ लोगों के समय की बचत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस को भी त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिल रही है। इस पोर्टल (CEIR-Sanchar Saathi) की कार्यप्रणाली के तहत कोई भी नागरिक अपने चोरी या गुम हुए फोन का आईएमईआई (IMEI) नंबर ब्लॉक करवाकर शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसके बाद पुलिस के लिए उस हैंडसेट को ट्रेस करना बेहद आसान हो जाता है।

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