भोपाल में शनिवार को आयोजित ‘सिस्टेक ग्लोरी’ समारोह के दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने देश के विकास में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। रवींद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा देश की उम्मीद और शक्ति हैं, जिनके विचार और नैतिक चरित्र पर राष्ट्र का भविष्य टिका हुआ है। राज्यपाल ने युवाओं से अपनी हर गतिविधि में उत्कृष्टता और संवेदनशीलता लाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री पटेल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद आयोजकों ने उन्हें शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने संवेदनशीलता को जीवन का सबसे अमूल्य गुण बताया और कहा कि करुणा एवं ममता की तुलना धन-दौलत से नहीं की जा सकती। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी उन लोगों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने जीवन के सफर में आपका साथ दिया है।
राज्यपाल ने अपने जीवन दर्शन को साझा करते हुए कहा कि हर परिस्थिति के दो पहलू होते हैं, और सही दिशा में किए गए ईमानदार प्रयास ही वास्तविक सफलता की नींव बनते हैं। उन्होंने एक उदाहरण के जरिए युवाओं को सीख दी कि वे जीवन में ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे उनके माता-पिता को मानसिक कष्ट पहुँचे। श्री पटेल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंसान पूरी निष्ठा के साथ प्रयास करता रहे।
समारोह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘सिस्टेक ग्लोरी’ केवल रोजगार मिलने की खुशी मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन में नए संकल्पों और नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करने का भी समय है। उन्होंने चयनित युवाओं को याद दिलाया कि वे अपनी बुद्धिमत्ता और योग्यता का उपयोग समाज के गरीब तथा वंचित तबके के उत्थान के लिए करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी से ही न केवल व्यक्ति, बल्कि संस्थान और पूरे राष्ट्र की प्रगति संभव है। कर्तव्य और सेवा भावना के साथ काम करना ही सच्ची देशभक्ति है।
इस अवसर पर सागर समूह के चेयरमैन सुधीर अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए कठिन परिश्रम ही एकमात्र विकल्प है और मेहनत का फल हमेशा मिलता है। वहीं, समूह के प्रबंध संचालक सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल ने छात्रों को संस्थान की कार्य संस्कृति को आत्मसात करने की सलाह दी। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया और कहा कि असफलताओं से निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण निदेशक डॉ. ज्योति देशमुख ने दिया, जबकि ग्रुप हेड कॉर्पोरेट रिलेशंस सुश्री प्राची श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।